
इलेक्ट्रिक वाहन इकोसिस्टम प्लेटफॉर्म विद्युत ने वैश्विक फिनटेक निवेशक फ्लरिश वेंचर्स से 2.5 मिलियन डॉलर की फंडिंग हासिल की है। इस निवेश से विद्युत अपने बैटरी-एज़-ए-सर्विस (BaaS) मॉडल का विस्तार पैसेंजर और कमर्शियल इलेक्ट्रिक वाहनों में करेगा।
वर्ष 2021 में स्विगी और बाउंस के पूर्व अधिकारी क्षितिज कोठी और गौरव श्रीवास्तव द्वारा स्थापित विद्युत अब तक 16.5 मिलियन डॉलर की कुल फंडिंग जुटा चुका है। इसके प्रमुख निवेशकों में 3one4 कैपिटल, क्रेडिट साइसन, ज़ेफायर पीकॉक, और लाइटहाउस कैंटन शामिल हैं।
विद्युत का BaaS मॉडल बैटरी लागत को वाहन खरीद से अलग करता है, जिससे ग्राहक प्रति किलोमीटर भुगतान करके बैटरी सेवाएं ले सकते हैं। इस मॉडल के चलते तीन पहिया इलेक्ट्रिक वाहनों की शुरुआती कीमत 35-40% तक कम हो गई है।
विद्युत के को-फाउंडर क्षितिज कोठी ने कहा, "मजबूत यूनिट इकोनॉमिक्स, 15% मासिक ग्रोथ और ओईएम भागीदारी के साथ, यह निवेश हमें नए वाहन सेगमेंट में अपनी फाइनेंसिंग और लाइफसाइकिल सॉल्यूशंस को स्केल करने में मदद करेगा।"उन्होंने यह भी बताया कि बैटरी डिग्रेडेशन, जो ईवी फाइनेंसिंग में बड़ी चुनौती है, उसे डेटा एनालिटिक्स के जरिए हल किया जा रहा है। कंपनी बैटरी की स्थिति, डिस्चार्ज पैटर्न और उपयोग डेटा का विश्लेषण कर बैटरी की उम्र और मूल्य का सटीक अनुमान लगाती है।
फ्लरिश वेंचर्स के प्रिंसिपल हर्ष गुप्ता ने कहा कि जलवायु परिवर्तन से निपटने में फाइनेंस की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने कहा, "भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने के लिए आसान फाइनेंसिंग जरूरी है। विद्युत का बैटरी-एज़-ए-सर्विस मॉडल उपभोक्ताओं के लिए EV खरीद को किफायती बनाता है और बैटरी रिप्लेसमेंट की चिंताओं को दूर करता है।"
सितंबर 2024 में, विद्युत ने JSW MG मोटर इंडिया के साथ साझेदारी कर चार पहिया EV के लिए भारत का पहला BaaS मॉडल लॉन्च किया, जिससे कारों की शुरुआती कीमत 30% तक कम हुई।
कंपनी ने टाटा मोटर्स, महिंद्रा लास्ट माइल मोबिलिटी, पियाजियो और ओलर मोटर्स जैसे प्रमुख निर्माताओं के साथ साझेदारी की है। वर्तमान में इसका डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क 30 शहरों तक फैला हुआ है।
इसके अलावा, 2023 में विद्युत ने 3W कमर्शियल वाहनों के लिए रीसेल प्लेटफॉर्म लॉन्च किया, जो वाहन निरीक्षण से लेकर दस्तावेज़ीकरण तक की पूरी प्रक्रिया को संभालता है।
यह फंडिंग ऐसे समय में आई है जब भारत में इलेक्ट्रिक वाहन बाजार तेजी से बढ़ रहा है और सरकार ईवी अपनाने को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न प्रोत्साहन योजनाएं और नीतियां लागू कर रही है।