
दिल्ली सरकार की EV नीति की अवधि समाप्त होने के बाद इसे 15 दिनों का अंतिम विस्तार दिया गया है। अधिकारियों के अनुसार, नई नीति का मसौदा तैयार हो चुका है, और इसे जल्द लागू किया जाएगा। नई नीति के तहत इलेक्ट्रिक बसों और कारों को प्राथमिकता दी जाएगी, जबकि पेट्रोल, डीजल और CNG वाहनों को कम करने के लिए डिसइंसेटिव्स लाए जाएंगे।
वर्तमान दिल्ली EV नीति के तहत, सरकार ई-साइकिल पर 25% (अधिकतम ₹5,500 रुपये ) की सब्सिडी, ई-रिक्शा और ई-कार्ट पर ₹30,000, टू-व्हीलर के लिए 5,000 रुपये प्रति kWh (अधिकतम ₹30,000) और ई-लाइट कमर्शियल वाहनों पर 30,000 रुपये की सहायता प्रदान करती है।
सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली ईवी पॉलिसी 2.0 अगले महीने पेश की जा सकती है। इसमें नई इमारतों की 20% पार्किंग को EV चार्जिंग पॉइंट से लैस करने का प्रस्ताव है, जबकि पुरानी इमारतों की 5% पार्किंग में चार्जिंग सुविधा जोड़ी जाएगी। इसके अलावा, बड़े पार्किंग क्षेत्रों वाली इमारतों में ईवी चार्जिंग की अनिवार्यता भी प्रस्तावित है। सरकार ने 2027 तक MCD, DJB और अन्य नागरिक एजेंसियों के सभी कचरा वाहनों को 100% इलेक्ट्रिक बनाने का लक्ष्य रखा है।