
महाराष्ट्र सरकार ने 30 लाख रुपये से अधिक कीमत वाले इलेक्ट्रिक वाहनों पर प्रस्तावित 6% मोटर वाहन कर को वापस लेने का फैसला किया है। इस बात की घोषणा राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने की।
भारत में लग्जरी इलेक्ट्रिक वाहन (EV) बाजार तेजी से बढ़ रहा है और 2024 में कुल लग्जरी कार बिक्री का 5% हिस्सा EVs का रहा, जबकि मास-मार्केट सेगमेंट में यह आंकड़ा 2% से भी कम था। सरकार ने बजट में निर्माण वाहनों (क्रेन्स, कंप्रेसर, प्रोजेक्टर, एक्स्कवेटर) पर 7% मोटर वाहन कर लगाने का प्रस्ताव दिया है, जिससे वित्त वर्ष 2026 में 180 करोड़ रुपये का राजस्व मिलने की उम्मीद है। इसी तरह, हल्के कमर्शियल वाहनों पर 7% कर से अगले वित्तीय वर्ष में 625 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य है।
इसके अलावा, सरकार ने CNG और LPG वाहनों पर मोटर वाहन कर में 1% वृद्धि की भी घोषणा की है। साथ ही, मोटर वाहन कर की अधिकतम सीमा को 20 लाख रुपये से बढ़ाकर 30 लाख रुपये कर दिया गया है, जिससे 170 करोड़ रुपये के अतिरिक्त राजस्व की संभावना है।
भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री धीरे-धीरे बढ़ रही है, लेकिन वैश्विक स्तर पर चीन इस बाजार में सबसे आगे है। 2024 में चीन ने 6.3 मिलियन EVs बेचे, जबकि भारत में 1.13 लाख इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री हुई, जो पिछले साल की तुलना में 18.4% अधिक रही। भारत सरकार का लक्ष्य 2030 तक EV बिक्री को 30% तक बढ़ाने का है, लेकिन ऊंची कीमतें और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी इसके विस्तार में चुनौती बनी हुई हैं।