
केपीआईटी टेक्नोलॉजीज ने अपनी सोडियम-आयन बैटरी तकनीक के व्यावसायीकरण के लिए ट्रेंटार एनर्जी सॉल्यूशंस के साथ एक रणनीतिक साझेदारी की है। इस समझौते के तहत, केपीआईटी अपनी उन्नत बैटरी तकनीक ट्रेंटार को हस्तांतरित करेगी, जो इसे विभिन्न क्षेत्रों में उपयोग के लिए बड़े पैमाने पर उत्पादन और संचालन में लाएगा। इसका उपयोग मोबिलिटी, एनर्जी स्टोरेज, समुद्री और रक्षा क्षेत्रों में किया जाएगा।
केपीआईटी ने दिसंबर 2023 में पहली बार अपनी सोडियम-आयन बैटरी तकनीक का प्रदर्शन किया था, जिसे एनर्जी स्टोरेज के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। यह तकनीक 3,000 से 6,000 चार्ज साइकल के बाद भी 80% क्षमता बनाए रखती है और तेजी से चार्ज होती है। यह बैटरियां अधिक सुरक्षित, किफायती और पर्यावरण अनुकूल हैं, क्योंकि इनमें ऐसे कच्चे माल का उपयोग किया गया है जो पृथ्वी पर प्रचुर मात्रा में उपलब्ध हैं।
इन बैटरियों की ऊर्जा घनत्व 100 से 170 Wh/kg तक होती है, जिससे अलग-अलग प्रदर्शन विकल्प मिलते हैं। इसके अलावा, यह तकनीक अत्यधिक गर्म और ठंडे तापमान में भी प्रभावी रूप से काम कर सकती है, जिससे इसकी थर्मल मैनेजमेंट आवश्यकताएं न्यूनतम हो जाती हैं। यह वाहनों की अपटाइम बढ़ाने, स्वामित्व लागत को कम करने और सुरक्षा में सुधार करने में भी मदद करती है।
इस साझेदारी के तहत, ट्रेंटार 3GWh क्षमता वाले सोडियम-आयन बैटरी निर्माण संयंत्र में निवेश करेगा। वहीं, केपीआईटी को इस तकनीक के हस्तांतरण के बदले प्रारंभिक शुल्क और आठ वर्षों तक रॉयल्टी प्राप्त होगी। यह समझौता दोनों कंपनियों को वैश्विक स्तर पर उन चुनिंदा संगठनों की श्रेणी में लाता है, जो सोडियम-आयन बैटरी तकनीक को आगे बढ़ाने पर काम कर रहे हैं।
इस साझेदारी पर केपीआईटी टेक्नोलॉजीज के चेयरमैन रवि पंडित ने कहा,"सोडियम-आयन बैटरी तकनीक हमारी टीम के जुनून, धैर्य और अग्रणी अनुसंधान संस्थानों के साथ सहयोग का परिणाम है। हम ट्रेंटार के साथ साझेदारी कर बेहद खुश हैं, जो इस तकनीक को कई बाजारों में व्यावसायिक रूप से लागू करेगा। केपीआईटी सतत विकास के लिए नवाचारों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।"
ट्रेंटार एनर्जी सॉल्यूशंस के संस्थापक और उपाध्यक्ष सुबोध मेनन ने कहा,"सोडियम-आयन बैटरियां एक किफायती और सुरक्षित विकल्प प्रदान करती हैं, जिसकी आपूर्ति श्रृंखला भी सरल है। हम इस तकनीकी उत्पाद श्रृंखला को विस्तारित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं, ताकि मोबिलिटी और ऊर्जा भंडारण की विभिन्न आवश्यकताओं को पूरा किया जा सके और एक अधिक टिकाऊ ऊर्जा भविष्य की ओर बढ़ा जा सके।"
यह साझेदारी सोडियम-आयन बैटरी को अपनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और भारत को वैश्विक स्थायी ऊर्जा समाधान के प्रयासों में एक अग्रणी स्थान दिलाने में मदद करेगी।