खादी और ग्रामोद्योग को बढ़ावा, 470 कारीगरों को मिला प्रशिक्षण और टूलकिट

खादी और ग्रामोद्योग को बढ़ावा, 470 कारीगरों को मिला प्रशिक्षण और टूलकिट

खादी और ग्रामोद्योग को बढ़ावा, 470 कारीगरों को मिला प्रशिक्षण और टूलकिट
पुणे के पीडब्ल्यूडी ग्राउंड में राज्य स्तरीय पीएमईजीपी प्रदर्शनी का भव्य उद्घाटन किया गया, जिसमें खादी और ग्रामोद्योग की 60 से अधिक इकाइयों ने भाग लिया। इस प्रदर्शनी में कारीगरों को टूलकिट दी गई।

 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से और ‘नए भारत की नई खादी’ को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राज्य स्तरीय पीएमईजीपी (प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम) प्रदर्शनी का भव्य उद्घाटन पुणे के पीडब्ल्यूडी ग्राउंड, न्यू सांघवी में किया गया। उद्घाटन समारोह में खादी और ग्रामोद्योग आयोग (KVIC) के अध्यक्ष मनोज कुमार और विधायक शंकर भाऊ जगताप मौजूद रहे। यह प्रदर्शनी 2 मार्च 2025 तक चलेगी, जिसमें खादी और ग्रामोद्योग से जुड़ी 60 से अधिक इकाइयों ने भाग लिया है।

कारीगरों को मिला आधुनिक टूलकिट और प्रशिक्षण

इस अवसर पर ग्रामोद्योग विकास योजना के तहत 470 कारीगरों को प्रशिक्षण दिया गया और 674 आधुनिक टूलकिट वितरित किए गए। इनमें 300 कुम्हारों को इलेक्ट्रिक चाक, 30 मधुमक्खी पालकों को मधुमक्खी पालन के बक्से, 40 कारीगरों को लकड़ी शिल्प टूलकिट, 20 कारीगरों को दोना-पत्तल मशीन, 10 को चमड़ा निर्माण मशीनें और 20 इलेक्ट्रीशियन टूलकिट शामिल हैं। इससे पहले, 10 फरवरी को विदर्भ के भंडारा जिले में 314 कारीगरों को 584 टूलकिट वितरित किए गए थे।

खादी और ग्रामोद्योग की बढ़ती लोकप्रियता

विधायक शंकर जगताप और विधायक उमा गिरीश खापरे ने प्रदर्शनी में खादी और ग्रामोद्योग उत्पादों की सराहना की और KVIC अध्यक्ष के साथ स्टॉल का दौरा किया। उन्होंने कहा कि ग्रामोद्योग से जुड़े कारीगरों को आधुनिक मशीनें और प्रशिक्षण देकर उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाया जा सकता है।

खादी की बिक्री में ऐतिहासिक वृद्धि

KVIC के अध्यक्ष मनोज कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘ब्रांड शक्ति’ से खादी की बिक्री और उत्पादन में ऐतिहासिक वृद्धि हुई है। उन्होंने बताया कि पिछले 10 वर्षों में खादी और ग्रामोद्योग उत्पादों की बिक्री 31,000 करोड़ रुपये से बढ़कर 1,55,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। वहीं, खादी वस्त्रों की बिक्री 1,081 करोड़ रुपये से बढ़कर 6,496 करोड़ रुपये हो गई है। पिछले वित्तीय वर्ष में 10.17 लाख लोगों को रोजगार मिला।

उन्होंने कहा, " खादी सिर्फ एक कपड़ा नहीं, बल्कि भारत की पहचान बन गई है।" उन्होंने यह भी बताया कि 80% से अधिक योगदान माताओं और बहनों का है और खादी क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी अत्यधिक महत्वपूर्ण है।

महाराष्ट्र में खादी और ग्रामोद्योग का विस्तार

KVIC अध्यक्ष ने बताया कि महाराष्ट्र में 34 खादी संस्थानों, 38,694 पीएमईजीपी इकाइयों और 13 स्फूर्ति क्लस्टरों के जरिए 3.19 लाख से अधिक लोगों को रोजगार मिला है। अब तक 3,280 इलेक्ट्रिक चाक और 6,800 मधुमक्खी पालन बक्से वितरित किए जा चुके हैं।

प्रदर्शनी में खादी फैशन शो और लाइव डेमो

प्रदर्शनी में खादी के स्वदेशी और पर्यावरण अनुकूल उत्पादों का प्रदर्शन किया जा रहा है। खादी फैशन शो के जरिए खादी के बेहतरीन डिजाइनों को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत किया गया। इसके अलावा, लाइव डेमो के जरिए आगंतुकों को खादी और ग्रामोद्योग उत्पादों की निर्माण प्रक्रिया देखने और समझने का मौका मिला।

इस कार्यक्रम में राज्य और केंद्र सरकार के अधिकारी, खादी संस्थाओं के प्रतिनिधि, ग्रामोद्योग योजना के लाभार्थी, खादी कार्यकर्ता और KVIC के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

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